Good Morning Shayari


“मैं बहुत सीमित हूँ,
अपने शब्दों में।।
लेकिन बहुत विस्तृत हूँ,
अपने अर्थों में।।
कभी सिर तो कभी पाँव,
अपने ढंकता हूँ।।
छोटी सी चादर से,
उम्मीदें बड़ी रखता हूँ।।
सादर सुप्रभातम।।
प्रातः प्रणाम।।”


“लोहा’ नरम होकर
‘औजार’ बन जाता है,
‘सोना’ नरम होकर
‘जेवर’ बन जाता है !
‘मिट्टी’ नरम होकर
‘खेत’ बन जाती है,
‘आटा’ नरम होता है तो
‘रोटी’ बन जाती है !


ठीक इसी तरह अगर
“”इंसान”” भी नरम हो जाये
तो लोगो के❣ “”दिलों”” का श्रृगांर बन जाता है!

“”खुश रहिये मुस्कुराते रहिये !!”

Related Articles

Good Morning Shayari


“हर पल आपको खुशियों की सौगात मिले,
नयी सुबह में नयी उमीदों का आग़ाज़ मिले,
मुश्किलों का न करना पड़े सामना कभी,
मंज़िल तक पहुँचने के लिए ऐसा रास्ता मिले।
सुप्रभात!”


“🌿🌷🌿सुप्रभातम🌿🌷🌿

रिश्ते हमेशा “”तितली”” जैसे होते है
जोर से पकड़ो तो “”मर”” जाते है
छोड़ दो तो “”उड़”” जाते हैं
और प्यार से पकड़ो तो उँगलियों पर
अपना “”रंग”” छोड़ जाते है..


जिंदगी की सुंदरता इस बात मैं नहीं है कि हम कितने खुश रहते है,
बल्कि इस बात मैं है कि कितने लोग हमसे खुश रहते है…..
💐💐 सुप्रभात 💐💐”


“परेड में पीछे मुड़ बोलते ही
पहला आदमी आखरी और
आखरी आदमी पहले नंबर
पर आ जाता है।


जीवन में कभी आगे होने का
घमंड और आखिरी होने
का गम न करें।

पता नहीं कब जिंदगी बोल दे :
पीछे मुड़

🍁सुप्रभात🍁”

Good Morning Shayari Image

Previous page 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21Next page

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button